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दुनिया को अपनी आवाज सुनने के लिए वित्तीय आजादी जरूरी: मास्टरशेफ शिप्रा खन्ना

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दुनिया को अपनी आवाज सुनने के लिए वित्तीय आजादी जरूरी: मास्टरशेफ शिप्रा खन्ना

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रैफल्स उदयपुर में आयोजित हुई ‘एन इवनिंग ऑफ स्टोरीज’; कश्ती फाउंडेशन की श्रद्धा मुर्डिया और शेफ शिप्रा खन्ना ने की पुस्तक पर चर्चा
उदयपुर, 22 मार्च:
झीलों की नगरी उदयपुर में रैफल्स उदयपुर होटल में रविवार को एक खास साहित्यिक और खाना बनाने की कला से जुड़ा आयोजन हुआ, जिसमें मशहूर मास्टरशेफ और अंतरराष्ट्रीय लेखिका शिप्रा खन्ना ने अपनी पुरस्कार विजेता किताब ‘सिनफुली योर्स – जस्ट डिजर्ट्स’ पर विस्तृत चर्चा की। इस कार्यक्रम में कश्ती फाउंडेशन की प्रमुख श्रद्धा मुर्डिया ने विशेष रूप से भाग लिया और शेफ शिप्रा के साथ किताब पर गहन संवाद किया।

यह आयोजन ‘एन इवनिंग ऑफ स्टोरीज’ के नाम से ‘द राइटर्स ‘ में हुआ। मास्टरशेफ इंडिया की विजेता रह चुकी शिप्रा खन्ना की यह किताब विश्व गौरमंड अवॉर्ड्स 2025 में सम्मानित हो चुकी है। किताब में भारतीय मिठाइयों से लेकर स्वास्थ्यवर्धक, वीगन और ग्लूटेन-फ्री मीठे व्यंजन बनाने की अनेक प्रकार की विधियां शामिल है, जो स्वाद और स्वास्थ्य का अनोखा संगम पेश करती हैं। श्रद्धा मुर्डिया, जो उदयपुर स्थित कश्ती फाउंडेशन की संस्थापक हैं और शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय कला-शिल्प तथा बच्चों के समग्र विकास के क्षेत्र में सक्रिय हैं, ने इस सत्र में शिप्रा खन्ना से कई सवाल किए। उन्होंने किताब के पीछे की कहानियों, खाना बनाने की कला को कहानी कहने के माध्यम से जोड़ने और विभिन्न संस्कृतियों के मिठास को एक साथ लाने के अनुभवों पर चर्चा की। श्रद्धा मुर्डिया ने किताब की सामाजिक और सांस्कृतिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला तथा इसे एक प्रेरणादायक रचना बताया। शिप्रा खन्ना ने अपने संबोधन में कहा, “यह किताब मेरे लिए सिर्फ रेसिपीज़ का संग्रह नहीं है, बल्कि भावनाओं, यादों और कहानियों का एक संयोजन है। विश्व गौरमंड अवॉर्ड्स में सम्मान मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा क्षण था और आज यहां उदयपुर की खूबसूरत जगह पर इसे साझा करना और भी खास रहा। मास्टरशेफ में हिस्सा लेने की प्रेरणा मुझे मेरी मां से मिली। दुनिया को अपनी आवाज सुनने के लिए वित्तीय आजादी जरूरी है। महिलाओं को ऊपर उठाना ही महिला सशक्तिकरण है। सभी के लिए सफलता के मायने अलग-अलग होते हैं। किसी भी कार्य के लिए उद्देश्य अवश्य होना चाहिए।”
उन्होंने अतिथियों के साथ इंटरैक्टिव सत्र में कई गुर भी साझा किए, देश दुनिया के खाने के साथ मिलेट, एआई, भविष्य के फ़ूड और खाना बनाने के माध्यम को लेकर चर्चा की। कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य अतिथियों, साहित्य प्रेमियों, खाने के शौकीनों और उदयपुर के प्रमुख व्यक्तियों ने इस आयोजन की जमकर सराहना की। कार्यक्रम में नितिज़ मुर्डिया,गुरनूर बिंद्रा, नित्या सिंघल, सुनंदा नलवाया मौजूद रहे।

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