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बलीचा गौशाला में ‘छप्पन भोग’ का भव्य आयोजन

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बलीचा गौशाला में ‘छप्पन भोग’ का भव्य आयोजन

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गौसेवा के माध्यम से आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम
108 गौशालाओं में चल रहे अभियान के तहत श्रद्धा, सेवा और भारतीय परंपरा का जीवंत संदेश
उदयपुर, 16 अप्रैल:
बलीचा स्थित पशुपति कल्याण गौशाला बुधवार को आस्था, सेवा और भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर नजर आई, जहां श्री गुरु चंद्रोशन गौ सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में तृतीय छप्पन भोग कार्यक्रम श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। देशभर की 108 गौशालाओं में चल रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में गौमाता के प्रति समर्पण और सनातन परंपराओं की झलक दिखाई दी।
कार्यक्रम संयोजक स्वीटी जैन पोरवाल ने बताया कि अतिथियों का स्वागत ट्रस्ट संस्थापक संजय जैन ने किया, जिसके बाद माला, उपरणा और पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। इसके पश्चात गौमाता की विधिवत आरती और छप्पन भोग अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मुख्य वक्ता भूपेंद्र श्रीमाली ने कहा कि गौमाता को छप्पन भोग अर्पित करने से 33 कोटी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था के साथ समृद्धि और कृतज्ञता का प्रतीक बताया। मुख्य अतिथि डॉ. श्याम एस. सिंघवी ने कहा कि छप्पन भोग केवल परंपरा नहीं, बल्कि सच्चे सेवा भाव का प्रतीक है, जिससे गौसेवा का पुण्य प्राप्त होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने भारतीय संस्कृति में गौमाता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गौमाता मातृत्व, करुणा और समृद्धि की प्रतीक हैं। वहीं दिनेश भट्ट ने इसे आत्मिक शुद्धि और संयम की ओर ले जाने वाला माध्यम बताया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि अजात शत्रु ने गौमाता पर आधारित कविता प्रस्तुत कर वातावरण को भावनात्मक बना दिया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। आयोजन ने गौसेवा के साथ संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।

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