जर्जर स्कूल की छत गिरने पर मानवाधिकार आयोग सख्त, कलेक्टर से दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
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नारदा स्कूल हादसे में तीन बच्चे हुए थे घायल, पहले भी भवन की बदहाली की दी गई थी सूचना
उदयपुर, 17 अक्टूबर: भींडर क्षेत्र के नारदा गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में छत का प्लास्टर गिरने से तीन बच्चों के घायल होने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने उदयपुर जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें घायल बच्चों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी भी देनी होगी।
आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही हैं, तो मामला मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर सवाल उठाता है। हादसे ने सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों में बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गत 6 अक्टूबर को विद्यालय की कक्षा की छत का प्लास्टर गिरने से 7 से 8 वर्ष की उम्र के तीन बच्चों के सिर में चोटें आई थीं। हादसे के समय कक्षा में 32 बच्चे मौजूद थे। घायलों को भिंडर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
पहले भी दी थी भवन की जर्जर हालत की सूचना
विद्यालय के प्रधानाध्यापक लालसिंह शक्तावत के अनुसार, भवन की जर्जर स्थिति के बारे में पहले ही शिक्षा विभाग को सूचित किया गया था। वर्ष 2001 में बने विद्यालय में दो कमरे और एक बरामदा है। रिपोर्ट के अनुसार, भवन के सभी हिस्सों की हालत खराब है। ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
भवन बंद, वैकल्पिक स्थान पर पढ़ाई
हादसे के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर विद्यालय भवन बंद कर दिया गया। बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए स्थानीय मंदिर के पास वैकल्पिक स्थान पर कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विद्यालय में पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है और कुल 37 बच्चे नामांकित हैं। अब प्रशासन की रिपोर्ट से पूर्व शिकायतों पर हुई कार्रवाई और बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी सामने आएगी।

