बढ़ाई जाए न्यूनतम मजदूरी, ऐक्टू ने सौंपा ज्ञापन
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उदयपुर, 18 अप्रैल: केन्द्रीय श्रमिक संगठन ऐक्टू के राज्यव्यापी आह्वान पर उदयपुर में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने तथा भिवाड़ी के श्रमिकों की मांगों के समर्थन में प्रदेश अध्यक्ष कामरेड शंकर लाल चौधरी के नेतृत्व में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन प्रदेश के श्रम मंत्री के नाम एडीएम सिटी के माध्यम से दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि राजस्थान में वर्तमान न्यूनतम मजदूरी दरें महंगाई के मुकाबले बेहद कम हैं। वर्तमान में अकुशल श्रमिकों के लिए ₹7410, अर्धकुशल के लिए ₹7722, कुशल के लिए ₹8034 तथा अत्यधिक कुशल श्रमिकों के लिए ₹9334 प्रतिमाह निर्धारित हैं, जो श्रमिक परिवारों के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि ये दरें “जीवन योग्य वेतन” की अवधारणा, भारतीय श्रम सम्मेलन के मानकों और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के विपरीत हैं।
ऐक्टू ने सरकार से मांग की कि न्यूनतम मजदूरी तत्काल बढ़ाकर कम से कम ₹18,000 प्रतिमाह की जाए और इसे महंगाई सूचकांक से जोड़ा जाए। साथ ही मजदूरी कानून के पालन के लिए सख्त निरीक्षण व्यवस्था लागू करने, ठेका श्रमिकों को सुरक्षा देने, श्रम कोड लागू नहीं करने, औद्योगिक हादसों की रोकथाम के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने तथा आठ घंटे से अधिक कार्य पर डबल रेट से ओवरटाइम भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और श्रमिक सम्मान का प्रश्न है। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में श्रमिकों की स्थिति को और अधिक गंभीर बताया। ज्ञापन सौंपने वालों में भाकपा-माले जिला सचिव डॉ. चंद्रदेव ओला, ऐपवा राज्य सचिव प्रो. फरहत बानो, एडवोकेट अनिल शर्मा, प्रो. एल.आर. पटेल और जयंत सहित कई पदाधिकारी शामिल रहे।
