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स्वच्छ राजस्थान से ही बनेगा विकसित प्रदेश: के.के. गुप्ता

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स्वच्छ राजस्थान से ही बनेगा विकसित प्रदेश: के.के. गुप्ता

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फलौदी में स्वच्छता व्यवस्था सुधारने को सख्त निर्देश
घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर नाइट स्वीपिंग तक तय हुए मानक
निकायों की होगी ए से डी श्रेणी में रैंकिंग
फलौदी/जोधपुर/जयपुर, 17 अप्रैल:
स्वच्छ भारत मिशन को धरातल पर और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने शुक्रवार को फलौदी नगरपरिषद सभागार में अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाईकर्मियों की बैठक लेकर स्वच्छता व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकसित और समृद्ध राजस्थान की बुनियाद है। उन्होंने निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि अब स्वच्छता कार्यों के आधार पर नगर निकायों को ए, बी, सी और डी श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा, ताकि जवाबदेही तय हो सके।
बैठक को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और स्वच्छ भारत मिशन इस लक्ष्य को पूरा करने का मजबूत माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट नीति, पारदर्शी कार्यशैली और जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण प्रदेश में सुशासन मजबूत हुआ है।
स्वच्छता के पांच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर
बैठक में के.के. गुप्ता ने निकायों को पांच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे से पहले शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए तथा गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण स्रोत स्तर पर हो। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
दूसरा, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक हर 400 मीटर क्षेत्र में एक सफाई कर्मचारी तैनात किया जाए। खासकर व्यावसायिक क्षेत्रों में पूरे वर्ष नाइट स्वीपिंग अनिवार्य की जाए।
तीसरा, सार्वजनिक शौचालयों की दिन में तीन बार सफाई सुनिश्चित हो। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे स्वयं सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग कर स्वच्छता की स्थिति का निरीक्षण करें।
चौथा, प्लास्टिक थैलियों के उपयोग पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक उत्पादन और बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
पांचवां, शहर के खाली प्लॉटों में फैली गंदगी को रोकने के लिए मालिकों को सफाई और बाउंड्री कराने के निर्देश दिए जाएं। ऐसा नहीं करने पर निगम स्वयं कार्य कर लागत का दस गुना वसूल करेगा।
निकायों की होगी रैंकिंग, लापरवाही पर कार्रवाई
गुप्ता ने बताया कि स्वच्छता कार्यों के आधार पर निकायों की चार श्रेणियों—ए, बी, सी और डी में रैंकिंग की जाएगी। ए श्रेणी के निकाय उत्कृष्ट, बी श्रेणी संतोषजनक, सी श्रेणी चेतावनी योग्य और डी श्रेणी के निकायों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि स्ट्रीट लाइट, पार्कों की सफाई, निर्माण सामग्री का नियमन, अवैध मांस दुकानों पर कार्रवाई, डिवाइडरों की स्वच्छता और कचरा यार्ड में आग रोकना जैसी व्यवस्थाओं पर भी नियमित निगरानी रखी जाए।
फलौदी और बाप के लिए स्वच्छता प्रभारी नियुक्त
बैठक में नगर परिषद फलौदी और नगर पालिका बाप के लिए स्वच्छता प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा भी की गई। ये प्रभारी क्षेत्र में गंदगी या अनियमितता मिलने पर निकाय प्रशासन को तुरंत सूचित करेंगे, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। के.के. गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता को जनआंदोलन बनाकर ही राजस्थान को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूर्ण जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें ताकि आमजन को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

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