LOADING

Type to search

श्रीनाथजी मंदिर में आधुनिक दर्शन व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता

socal

श्रीनाथजी मंदिर में आधुनिक दर्शन व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता

Share

चेहरे की पहचान और क्यूआर आधारित प्रवेश प्रणाली से अवैध विशेष दर्शन पर लगी रोक, मंदिर की आय में भी बढ़ोतरी
राजसमंद, 20 मई:
श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य निष्पादन अधिकारी कार्यालय में दर्शन सर्वांगीण विकास समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें नई डिजिटल दर्शन व्यवस्था की समीक्षा की गई।
मंदिर मंडल द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए चेहरे की पहचान प्रणाली और क्यूआर आधारित प्रवेश द्वार लगाए गए हैं। समिति के अनुसार पहले कुछ लोग श्रद्धालुओं को गुमराह कर विशेष दर्शन के नाम पर अवैध वसूली करते थे। मनोरथ भेंट की रसीदों का गलत उपयोग कर उन्हें ऊंचे दामों में बेचने की शिकायतें भी सामने आती थीं, जिससे मंदिर को आर्थिक नुकसान होता था और श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ती थी।
मंदिर मंडल के मुख्य निष्पादन अधिकारी जितेंद्र कुमार पंड्या ने बताया कि चेहरे की पहचान प्रणाली लागू होने के बाद वास्तविक मनोरथी की तुरंत पहचान हो जाती है। इससे रसीदों के अवैध हस्तांतरण और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगी है।
समिति ने माना कि नई व्यवस्था से दर्शन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हुई है। साथ ही मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ी है, श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत हुआ है और मंदिर की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *