नारी शक्ति वंदन अधिनियम नए युग की शुरुआत : डॉ. अलका
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33% आरक्षण से बढ़ेगा महिला प्रतिनिधित्व
उदयपुर, 12 अप्रैल: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर रविवार को पूरे राजस्थान में एक साथ प्रेस वार्ताओं का आयोजन किया गया। उदयपुर में आयोजित कार्यक्रम में महिला मोर्चा की बैठक के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। वक्ताओं ने इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में विशेष सत्र में इस अधिनियम को पारित किया गया। उन्होंने बताया कि आजादी के समय संसद में महिलाओं की भागीदारी मात्र 4% थी, जो 2019 में बढ़कर 15% हुई और अब इस कानून के माध्यम से पंचायत से संसद तक 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
समावेशी नीति निर्माण की दिशा में बड़ा कदम
मुख्य वक्ता प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अलका मुंदड़ा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम नए युग की दस्तक है। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण का मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे नीति निर्माण अधिक संवेदनशील, समावेशी और प्रभावी बनेगा। महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनेंगी।डॉ. मुंदड़ा ने कहा कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से सामाजिक सोच में बदलाव आया है, वहीं सुकन्या समृद्धि योजना से बेटियों को आर्थिक सुरक्षा मिली है। कार्यक्रम में बताया गया कि अधिनियम के समर्थन में नारी शक्ति सम्मेलन, दोपहिया वाहन रैली, नुक्कड़ नाटक और सोशल मीडिया अभियान चलाए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सीमा चंपावत ने किया, जबकि आभार महिला मोर्चा अध्यक्ष कविता जोशी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और महिला मोर्चा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
