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उदयपुर में तीन चरणों में पंचायतीराज चुनाव, 22 अक्टूबर से मतदान

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उदयपुर में तीन चरणों में पंचायतीराज चुनाव, 22 अक्टूबर से मतदान

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जिला परिषद के 47 वार्डों में होगा चुनाव; जिला प्रमुख पद इस बार अनारक्षित, पंचायत समितियों के प्रधानों का आरक्षण भी तय
उदयपुर, 3 अक्टूबर:
राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव चार चरणों में होंगे। मतदान की शुरुआत 22 अक्टूबर से होगी और अगले चरणों में 29 अक्टूबर तथा 4 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव की मतगणना 20 नवंबर को होगी। वहीं सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव संबंधित चरण के मतदान के साथ ही संपन्न कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
उदयपुर जिले में जिला परिषद के इस बार 47 वार्ड हैं। पिछले चुनाव में 43 सदस्य चुने गए थे। इस बार वार्डों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। जिला प्रमुख का पद इस बार अनारक्षित (ओपन) रखा गया है। पिछले कार्यकाल में यह पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित था।
22 अक्टूबर से शुरू होगा मतदान
पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्य के लिए चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण की अधिसूचना और नामांकन प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके बाद चरणवार नामांकन, नाम वापसी और मतदान की प्रक्रिया होगी। मतदान की तारीखें 22 अक्टूबर, 29 अक्टूबर और 4 नवंबर निर्धारित की गई हैं। चारों चरणों की मतगणना 20 नवंबर को होगी।
सरपंच एवं वार्ड पंचों के चुनाव की प्रक्रिया भी चरणवार होगी। इन पदों के लिए मतदान बैलेट पेपर से कराया जाएगा, जबकि पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल होगा।
जिला परिषद के 47 वार्डों में आरक्षण की स्थिति
उदयपुर जिला परिषद के 47 वार्डों में आरक्षण लॉटरी के बाद 28 वार्ड अनुसूचित जनजाति, दो अनुसूचित जाति, एक ओबीसी और 16 सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित हुए हैं। इनमें कुल 23 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
एसटी के 14 वार्ड सामान्य और 14 वार्ड एसटी महिला के लिए आरक्षित हैं। एससी का एक वार्ड सामान्य और एक महिला के लिए है। ओबीसी के लिए एक वार्ड आरक्षित हुआ है, जबकि ओबीसी महिला के लिए कोई वार्ड आरक्षित नहीं है। सामान्य वर्ग में आठ वार्ड सामान्य और आठ वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
उदयपुर की 20 पंचायत समितियों में प्रधानों का आरक्षण
उदयपुर जिले में कुल 20 पंचायत समितियां हैं। इनमें आठ पंचायत समितियों में प्रधान पद एसटी ओपन, सात में एसटी महिला, एक में सामान्य ओपन, तीन में सामान्य महिला और एक में एससी ओपन के लिए आरक्षित हुआ है। बड़गांव पंचायत समिति का प्रधान पद सामान्य ओपन है, जबकि भींडर, वल्लभनगर और मावली में सामान्य महिला के लिए आरक्षण है। घासा में एससी ओपन तथा कुराबड़, गिर्वा, कोटड़ा, सुलाव, गोगुंदा, सायरा, खेरवाड़ा और नयागांव में एसटी ओपन आरक्षण है। नाई, झाड़ोल, फलासिया, ओगणा, देवला, ऋषभदेव और कल्याणपुर में एसटी महिला प्रधान का पद आरक्षित है।
गांवों में अब तेज होगी चुनावी हलचल
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में दावेदारों की सक्रियता बढ़ेगी। आरक्षण की तस्वीर पहले ही स्पष्ट हो चुकी है, इसलिए जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पद के संभावित दावेदार अपने-अपने क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाएंगे। वहीं सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण तय होने के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी। उदयपुर में जिला परिषद के 47 वार्ड, 20 प्रधान पद और बड़ी संख्या में पंचायत समिति सदस्य, सरपंच एवं वार्ड पंच पदों पर चुनाव होना है।

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