अमर आशीष आईवीएफ सेंटर और डॉ. नीना सक्सेना पर पुलिस का शिकंजा, संपत आर्ट बैंक भी लपेटे में
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उदयपुर, 30 मई: लेक सिटी उदयपुर में कोख के सौदे और अवैध भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के प्रसिद्ध चेतक सर्किल (सरकारी एमबी अस्पताल के सामने) स्थित ‘अमर आशीष हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर’ की संचालिका डॉ. नीना सक्सेना और हिरण मगरी सेक्टर-6 स्थित ‘संपत आर्ट बैंक’ के खिलाफ उदयपुर पुलिस ने विभिन्न आपराधिक धाराओं और पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की है।
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई राजस्थान राज्य पीसीपीएनडीटी (PC-PNDT) टीम द्वारा पूर्व में किए गए एक गोपनीय स्टिंग (डिकॉय) ऑपरेशन के बाद सामने आई है।
दलालों का नेटवर्क: जांच में सामने आया था कि अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को बहला-फुसलाकर अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच (लड़का या लड़की का पता लगाने) के लिए लाया जा रहा था। इस काम के लिए दलालों का एक पूरा नेटवर्क सक्रिय था, जो मोटी रकम ऐंठता था।
रंगे हाथों गिरफ्तारी: डिकॉय ऑपरेशन के दौरान डॉ. नीना सक्सेना को एक गर्भवती महिला (डिकॉय मरीज) से भ्रूण लिंग की जानकारी देने के एवज में हजारों रुपये की अवैध राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।
संपत आर्ट बैंक (Sampat ART Bank) की भूमिका
मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने हिरण मगरी सेक्टर-6 स्थित ‘संपत आर्ट बैंक’ को भी इस एफआईआर में नामजद किया है। सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (ART) और सरोगेसी नियमों के उल्लंघन तथा इस पूरे अवैध नेटवर्क में संदिग्ध संलिप्तता को देखते हुए इस सेंटर को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
कानूनी प्रावधान: भारत में पीसीपीएनडीटी (PC-PNDT) एक्ट के तहत गर्भस्थ शिशु के लिंग की जांच करना या करवाना एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है। उदयपुर पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस नेटवर्क में शहर के और कौन-से डायग्नोस्टिक सेंटर या चिकित्साकर्मी शामिल हैं।
