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आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की संकल्प सभा की तैयारी तेज

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आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की संकल्प सभा की तैयारी तेज

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तीस हजार लोगों के लिए बन रहा डोम
30 हजार से अधिक आंगतुकों के लिए बन रहा 2 लाख वर्गफीट का डोम
महाराणा भूपाल स्टेडियम में गूंजेगी हल्दीघाटी विजय की शौर्य गाथा
हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने पर 17 जून को उदयपुर में राष्ट्र चेतना संकल्प सभा की तैयारी
प्रताप गौरव केन्द्र में स्थापित हुआ केन्द्रीय कार्यालय
उदयपुर, 11 जून:
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती व हल्दीघाटी विजय के सार्द्ध चतुःशती वर्ष (450 वर्ष) के उपलक्ष्य में 17 जून को उदयपुर के महाराणा भूपाल स्टेडियम गांधी ग्राउंड में होने जा रही विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। उल्लेखनीय है कि इस सभा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संबोधित करेंगे। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अंतर्गत में संचालित प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ द्वारा हो रहे इस कार्यक्रम में राजस्थान सहित देशभर से बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, सामाजिक प्रतिनिधि एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों की सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि समारोह में लगभग 25 से 30 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए करीब दो लाख वर्गफुट क्षेत्रफल में विशाल एवं सुसज्जित डोम तैयार किया जा रहा है। डोम में 20 हजार से अधिक कुर्सियों की व्यवस्था की जाएगी। गर्मी को देखते हुए पंखों, मिस्ट सिस्टम तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि आगंतुकों को अधिकतम सुविधा मिल सके।
उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले अतिथियों एवं प्रबुद्धजनों के लिए विद्या भवन एवं फील्ड क्लब परिसर में विशाल पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पार्किंग स्थलों से समारोह स्थल तक आवागमन के लिए आंतरिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर शीतल पेय की भी पर्याप्त व्यवस्था रहेगी।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार समाज अपने बड़े त्योहारों को उत्साह और उल्लास के साथ मनाता है, उसी भाव से यह आयोजन भी किया जा रहा है। पूरे समाज की सहभागिता से आयोजित होने वाला यह समारोह मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को पुनः स्मरण कराने और हल्दीघाटी की विजय गाथा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास होगा।
सुविवि कुलपति ने किया कार्यालय का उद्घाटन
प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि गुरुवार शाम को केन्द्र परिसर में 17 जून के आयोजन के समन्वयन के लिए केन्द्रीय कार्यालय स्थापित किया गया। इसका उद्घाटन मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश डागा और उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने किया। इस अवसर पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, उपाध्यक्ष व कार्यालय प्रभारी डॉ. सुभाष भार्गव, विनोद यादव, महेश श्रीमाली, मदन आमेटा,
आईजी पहुंचे व्यवस्थाएं देखने
निदेशक सक्सेना ने बताया कि गुरुवार को आईजी गौरव श्रीवास्तव और एएसपी उमेश ओझा गौरव केन्द्र पहुंचे और व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
चिकित्सा सुविधाओं का भी विशेष ध्यान
समारोह की व्यवस्थाओं में चिकित्सा सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। चिकित्सा व्यवस्था समिति के डॉ. राजवीर सिंह के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहेगी। एक एम्बुलेंस भी आयोजन स्थल पर तैनात रहेगी। एमबी हॉस्पिटल से चिकित्सक, छात्र चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ आदि भी रहेंगे। इमरजेंसी में एक विशेष टीम इस दिन सक्रिय रहेगी। हर टीम में एक महिला चिकित्सक भी होगी।
20 से अधिक समितियों का गठन
आयोजन के लिए 20 से अधिक समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें टेंट निर्माण, मंच सज्जा, पत्रक वितरण, भोजन व्यवस्था, शीतल पेय व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन, स्वागत समिति सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़ी समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। हजारों कार्यकर्ता दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं।
इंफ्लुएंसर मीट आज
सोशल मीडिया समिति के मनोज जोशी ने बताया कि प्रताप गौरव केन्द्र के पद्मिनी सभागार में शुक्रवार शाम 5 बजे इंफ्लुएंसर मीट का आयोजन किया जाएगा। इंफ्लुएंसर्स को प्रताप गौरव केन्द्र का भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद इतिहासविद डॉ. प्रताप सिंह झाला, प्रताप गौरव शोध केन्द्र के अधीक्षक डॉ. विवेक भटनागर, प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी युद्ध विजय पर ऐतिहासिक तथ्यों को प्रस्तुत करेंगे। इससे पूर्व, गुरुवार को हुई बैठक में सोशल मीडिया टीम के जयदीप आमेटा, विकास छाजेड़, प्रदीप विजयवर्गीय, रोहित अग्रवाल, तुषार जिंदल, मोहित सनाढ्य, चेतन शाकद्वीपीय आदि कार्यकर्ताओं ने 17 जून की विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की।

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