सेक्टर-13 बस स्टैंड ध्वस्तीकरण पर उठे सवाल, कांग्रेस नेताओं ने मांगी उच्च स्तरीय जांच
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‘जनहित के नाम पर सरकारी संपत्ति हटाई’, निष्पक्ष कार्रवाई और पुराने स्थान पर नया बस स्टैंड बनाने की मांग
उदयपुर, 7 मई: हिरण मगरी सेक्टर-13 स्थित वर्षों पुराने सिटी बस स्टैंड को हटाने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। देहात जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव प्रदीप त्रिपाठी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी उदयपुर के महासचिव भारत रामानुज ने पूरे मामले में निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने पुराने स्थान पर ही आधुनिक एवं व्यवस्थित सिटी बस स्टैंड के पुनर्निर्माण की मांग की है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सेक्टर-13 में अरावली गैस सर्विस कार्यालय के सामने स्थित पुराने बस स्टैंड को सड़क चौड़ीकरण के नाम पर षड्यंत्रपूर्वक तरीके से ध्वस्त किया गया। उनका कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए यह कार्रवाई व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई।
“चयनात्मक कार्रवाई से निष्पक्षता पर सवाल”
प्रदीप त्रिपाठी और भारत रामानुज ने कहा कि जिस स्थान से बस स्टैंड हटाया गया, उसके सामने सड़क सीमा में विकसित गार्डन और अन्य अतिक्रमणों पर समान कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि नगर निगम ने चयनात्मक कार्रवाई कर अपनी निष्पक्षता पर स्वयं सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि क्षेत्र में फिलहाल सिटी बसों का संचालन नहीं हो रहा और पुराना बस स्टैंड यातायात में बाधा था, तो फिर सेक्टर-13 श्मशान घाट के पास नया बस स्टैंड ढांचा क्यों तैयार किया गया, जो वर्तमान में अनुपयोगी बना हुआ है।
राजस्थान सम्पर्क पोर्टल के जवाब पर भी सवाल
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय जनसुनवाई में दिए गए परिवाद के निस्तारण में गलत तथ्यों का उपयोग किया गया। बाद में राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर यह स्वीकार किया गया कि शिकायतों के जवाब त्रुटिवश बदलकर अपलोड हो गए थे। इससे पूरे मामले की पारदर्शिता और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि निगम अधिकारी इस मामले में तत्कालीन निर्माण समिति अध्यक्ष का नाम लेकर अपना बचाव कर रहे हैं, जबकि वर्तमान शहर विधायक ताराचंद जैन ने मीडिया में बयान दिया था कि बस स्टैंड को पूरी तरह हटाने के बजाय केवल उसकी चौड़ाई कम करने की बात कही गई थी।
“निर्माण सामग्री अब भी पड़ी, दावे संदिग्ध”
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिस स्थान से बस स्टैंड हटाया गया, वहां महीनों से निर्माण सामग्री पड़ी हुई है। ऐसे में यह दावा हास्यास्पद लगता है कि बस स्टैंड हटाने का उद्देश्य केवल यातायात दबाव कम करना था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य नियमानुसार नहीं है तथा वहां बनी तीन दुकानों को नगर निगम पहले ही सीज कर चुका है। बावजूद इसके नए निर्माण कार्य जारी रहने पर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर बस स्टैंड ध्वस्तीकरण और नए निर्माण से जुड़ी प्रशासनिक स्वीकृतियां, तकनीकी रिपोर्ट और निर्णय प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए। साथ ही विरोधाभासी बयान देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
