बाघदड़ा मगरमच्छ संरक्षण रिजर्व के कायाकल्प से वन्यजीवों को मिलेगा सुरक्षित आवास
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हिंदुस्तान जिंक की जैव विविधता पहल से 4.1 लाख पशु-वन्यजीव लाभान्वित
उदयपुर, 21 मई: अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने पर्यावरण संरक्षण और पशु कल्याण को लेकर किए जा रहे अपने प्रयासों की जानकारी साझा की। कंपनी की ‘समाधान’ परियोजना के तहत राजस्थान में अब तक 4.1 लाख से अधिक पशुधन और वन्यजीव लाभान्वित हो चुके हैं।
कंपनी ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण, उपचार और पशुपालकों को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। पिछले दस वर्षों से संचालित इन शिविरों से किसानों की आय बढ़ने के साथ पशुओं का स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है। गर्मियों में पशुओं के लिए पानी की टंकियां और बर्तन रखे जा रहे हैं, वहीं सड़क हादसों से बचाव के लिए आवारा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टिव कॉलर बांधे जा रहे हैं।
बाघदड़ा रिजर्व का होगा कायाकल्प
हिंदुस्तान जिंक ने राजस्थान सरकार के साथ 5 करोड़ रुपए के एमओयू के तहत उदयपुर के 369 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले बाघदड़ा मगरमच्छ संरक्षण रिजर्व के विकास का कार्य शुरू किया है। परियोजना के तहत पौधारोपण, चेक डैम, तालाब, पर्यटकों के लिए वॉक-वे और बैठने की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। रिजर्व तैयार होने पर मगरमच्छों सहित 200 से अधिक पक्षी प्रजातियों को सुरक्षित आवास मिलेगा।
कंपनी अंतरराष्ट्रीय संस्था International Union for Conservation of Nature के साथ मिलकर ‘नो नेट लॉस’ लक्ष्य पर काम कर रही है। हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जीवों की सुरक्षा कंपनी की कार्यसंस्कृति का अहम हिस्सा है।
