रेरा का सख्त रुख, वैदेही डेवलपर्स की समीक्षा याचिका खारिज
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पजेशन की तारीख बढ़ाने की मांग ठुकराई, घर खरीदारों के हितों को मिली मजबूती
उदयपुर, 24 जून: राजस्थान रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने उदयपुर की वैदेही डेवलपर्स को बड़ा झटका देते हुए उनकी समीक्षा याचिका खारिज कर दी है। डेवलपर ने पूर्व में पारित आदेश में संशोधन कर प्रोजेक्ट पूरा करने एवं खरीदारों को कब्जा सौंपने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की थी।
रेरा के समक्ष डेवलपर ने 30 मार्च 2026 को पारित मूल आदेश में बदलाव की गुहार लगाई थी, लेकिन प्राधिकरण ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। रेरा ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि पूर्व आदेश में संशोधन के लिए कोई ठोस तथ्य या वैधानिक आधार प्रस्तुत नहीं किया गया, इसलिए समीक्षा याचिका खारिज की जाती है।
प्राधिकरण के इस फैसले को रियल एस्टेट क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संदेश गया है कि बिल्डर्स मनमाने ढंग से पजेशन की तिथियों में बदलाव नहीं कर सकते और उन्हें परियोजना से जुड़े अपने दायित्व समय पर पूरे करने होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेरा का यह निर्णय घर खरीदारों और निवेशकों के अधिकारों की सुरक्षा को और मजबूत करेगा। लंबे समय से प्रोजेक्ट पूर्ण होने और कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे खरीदारों के लिए यह फैसला राहतभरा माना जा रहा है। साथ ही यह निर्णय रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
