राजस्थान में सहकारिता मंत्री के खिलाफ संभाग भर के रिटायर्ड पुलिसकर्मी लामबंद
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ऑडियो विवाद और कथित दुर्व्यवहार मामले में निष्पक्ष जांच, बर्खास्तगी व माफी की मांग
उदयपुर, 01 जून: सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक और पुलिस अधिकारियों के बीच कथित बातचीत के वायरल ऑडियो तथा डूंगला थाने में पुलिसकर्मियों से कथित दुर्व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। चित्तौड़गढ़, राजसमंद और डूंगरपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी सड़क पर उतर आए हैं। उन्होंने प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष जांच, मंत्री को पद से हटाने और दोष सिद्ध होने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की गरिमा और मनोबल का बताया मामला
रिटायर्ड पुलिस कल्याण संस्थान एवं पेंशनर समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और सामने आए आरोपों ने पुलिस विभाग की गरिमा पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि जांच में मंत्री द्वारा पुलिस अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा और दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है तो यह पूरे पुलिस बल के सम्मान और मनोबल से जुड़ा गंभीर मामला है।
फॉरेंसिक जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने वायरल ऑडियो-वीडियो की वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही जांच पूरी होने तक मंत्री को पद से अलग रखने और संबंधित पुलिस अधिकारी को किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव से मुक्त रखने की मांग भी उठाई गई है।
आंदोलन की चेतावनी
राजसमंद, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ में ज्ञापन सौंपते हुए संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर के सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और कर्मचारी संगठन व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और पुलिसकर्मियों के सम्मान से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
