उदयपुर में सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी नई ताकत
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थानों के बाहर 5 करोड़ के हाई-फ्रीक्वेंसी कैमरों का प्रस्ताव, अस्पतालों के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की मांग
उदयपुर, 4 जून: शहर में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला परिषद सभागार में आयोजित डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) की बैठक में शहर विधायक ताराचंद जैन ने कई जनहित से जुड़े प्रस्ताव रखे। इनमें सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में हाई-फ्रीक्वेंसी कैमरे लगाने, सरकारी अस्पतालों में अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के उपाय शामिल हैं।
थानों के बाहर लगेंगे हाई-टेक कैमरे
विधायक ने डबोक, सुखेर, सवीना और नाई थाना क्षेत्रों में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से हाई-फ्रीक्वेंसी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा। इन कैमरों के माध्यम से अवैध बजरी और रेत परिवहन करने वाले वाहनों की 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी, जिससे अवैध खनन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
अस्पतालों में बढ़ेंगी जांच सुविधाएं
बैठक में विधायक ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एमबी जनरल हॉस्पिटल में नई एमआरआई मशीन स्थापित करने की मांग की। साथ ही हिरणमगरी और अंबामाता सैटेलाइट अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीनें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि मरीजों को निजी केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।
खनन विभाग को भी बनाया जाएगा हाईटेक
अवैध खनन की प्रभावी जांच के लिए खनन विभाग को 3.5 करोड़ रुपए की आधुनिक जांच मशीन उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया। इसके अलावा मसारों की ओवरी से ढेलाणा तक प्रस्तावित 6 किलोमीटर सड़क के लिए शीघ्र वित्तीय स्वीकृति जारी करने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से उठाई गई।
