पिता की राह पर चला बेटा, ड्यूटी निभाते हुए बुझ गया घर का चिराग
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फायर ब्रिगेड में लीडिंग फायरमैन पिता ने बेटे को खोया, प्रीतेश की शहादत से गांव में पसरा मातम
डूंगरपुर, 26 सितम्बर : जिस वर्दी को देखकर प्रीतेश परमार ने सेवा का संकल्प लिया था, उसी वर्दी में ड्यूटी निभाते हुए वह हमेशा के लिए अपनों से दूर हो गए। जोधपुर की केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए विस्फोट में गंभीर रूप से झुलसे प्रीतेश ने शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर पहुंचते ही डूंगरपुर के लांबाभाटड़ा, चुंडावाड़ा गांव में मातम छा गया।
प्रीतेश के लिए फायर ब्रिगेड की नौकरी महज रोजगार नहीं, बल्कि परिवार की परंपरा और सेवा का माध्यम थी। उनके पिता धुलेश्वर परमार भी डूंगरपुर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड में लीडिंग फायरमैन हैं। आग और खतरे के बीच लोगों की जान बचाने का काम करते पिता को देखकर ही बेटे ने भी इसी राह को चुना था। लेकिन ड्यूटी के दौरान हुए हादसे ने पिता से उनका बेटा छीन लिया।
प्रीतेश करीब 90 प्रतिशत झुलस गए थे और दो दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करते रहे। रविवार सुबह पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार होगा। उनकी मौत ने परिवार के साथ पूरे अग्निशमन विभाग और गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।

