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प्रदेश के पहले भव्य संगीत संग्रहालय की कार्ययोजना पर आज होगा मंथन

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प्रदेश के पहले भव्य संगीत संग्रहालय की कार्ययोजना पर आज होगा मंथन

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सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में सुरों की मंडली की महत्वपूर्ण बैठक आज
उदयपुर, 31 मई:
भारतीय संगीत परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में सुरों की मंडली संस्था द्वारा सेलू गांव में प्रस्तावित भव्य संगीत संग्रहालय के निर्माण, कार्ययोजना एवं भावी स्वरूप को लेकर आज 1 जून को वरजू विला, शोभागपुरा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में संस्था के कार्यकारिणी सदस्य, सहयोगकर्ता, दानदाता एवं शुभचिंतक शामिल होकर संग्रहालय की रूपरेखा एवं आगामी गतिविधियों पर विस्तृत मंथन करेंगे।
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि प्रस्तावित संगीत संग्रहालय केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारतीय संगीत, लोक संस्कृति एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने वाला एक प्रेरणादायी केंद्र होगा, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने सभी कार्यकारिणी सदस्यों, दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं से बैठक में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने सुझाव देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आकार देने में समाज के अनेक सहयोगकर्ताओं एवं दानदाताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे सभी सहयोगियों की सहभागिता एवं समर्पण से ही इस स्वप्न को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
संस्था के सचिव अरुण चौबीसा ने कहा कि संगीत संग्रहालय के निर्माण, संचालन एवं भविष्य की गतिविधियों को सुव्यवस्थित रूप देने के लिए यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। बैठक में परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना, व्यवस्थाओं एवं भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
संस्था के कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के सामूहिक सहयोग एवं सहभागिता से यह संगीत संग्रहालय भविष्य में मेवाड़ ही नहीं, बल्कि प्रदेश की एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के रूप में स्थापित होगा।
सुरों की मंडली कार्यकारिणी ने सभी सदस्यों, दानदाताओं, सहयोगकर्ताओं एवं समाजजनों से आज आयोजित बैठक में समय पर उपस्थित होकर अपने विचार एवं सुझाव साझा करने का आग्रह किया है।

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