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राष्ट्रीय समुद्री दिवस का ऐतिहासिक महत्व: डॉ. श्रीनिवास महावर

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राष्ट्रीय समुद्री दिवस का ऐतिहासिक महत्व: डॉ. श्रीनिवास महावर

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ऑनलाइन संगोष्ठी में समुद्री विरासत और अर्थव्यवस्था पर चर्चा
उदयपुर, 5 अप्रैल
: जनमत मंच के तत्वावधान में राष्ट्रीय समुद्री दिवस की पूर्व संध्या पर ऑनलाइन संगोष्ठी आयोजित की गई। मंच के संस्थापक डॉ. श्रीनिवास महावर ने बताया कि राष्ट्रीय समुद्री दिवस भारत के पहले स्वदेशी ध्वज वाले व्यापारिक पोत SS Loyalty की 5 अप्रैल 1919 को मुंबई से लंदन की ऐतिहासिक यात्रा की स्मृति में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह घटना भारत के समुद्री इतिहास में मील का पत्थर है, जिसने ब्रिटिश नियंत्रण के बावजूद भारतीय जहाजरानी की शुरुआत को नई दिशा दी। वर्ष 1964 में पहली बार इस दिवस को आधिकारिक रूप से मनाया गया।
संगोष्ठी में भारत के प्राचीन समुद्री इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर मौर्यकालीन नौसेना और ग्रीको-रोमन व्यापार तक की चर्चा हुई। मंच के सचिव शिरीष नाथ माथुर ने बताया कि भारत अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन का सदस्य है, जो समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि समुद्र वैश्विक व्यापार का प्रमुख आधार है और यह पर्यावरण संतुलन, रोजगार तथा ऊर्जा संसाधनों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में समुद्री संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

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