गर्मी में बढ़ रहा किडनी रोगों का खतरा, सावधानी ही बचाव: डॉ. हर्षा माखीजा
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उदयपुर, 29 मई: भीषण गर्मी, तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के बीच किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले भी बढ़ने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे किडनी स्टोन, यूरिन संक्रमण और अचानक किडनी खराब होने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हर्षा माखीजा ने लोगों से गर्मी के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
डिहाइड्रेशन से बढ़ता है किडनी पर दबाव
डॉ. माखीजा के अनुसार अत्यधिक पसीना आने, पर्याप्त पानी नहीं पीने, उल्टी-दस्त या तेज बुखार के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे किडनी तक रक्त प्रवाह कम पहुंचता है और अचानक किडनी खराब होने (एक्यूट किडनी इंजरी) का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी के मौसम में किडनी स्टोन के मामलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। कम पानी पीने से पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे कैल्शियम, यूरिक एसिड और अन्य खनिज जमा होकर पथरी का रूप ले लेते हैं।
इन लोगों को अधिक खतरा
डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, पुरानी किडनी बीमारी से पीड़ित मरीज, डायलिसिस पर रहने वाले रोगी, बुजुर्ग, धूप में काम करने वाले मजदूर और किसान तथा बार-बार दर्द निवारक दवाइयों का सेवन करने वाले लोगों में किडनी संबंधी समस्याओं का जोखिम अधिक रहता है। महिलाओं में गर्मियों के दौरान यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) की संभावना भी बढ़ जाती है, जो समय पर उपचार न मिलने पर किडनी तक पहुंच सकता है।
डायलिसिस मरीज रखें विशेष सावधानी
डॉ. माखीजा ने बताया कि डायलिसिस मरीजों को गर्मियों में पानी का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। अत्यधिक तरल पदार्थ लेने से शरीर में अतिरिक्त पानी जमा हो सकता है, जिससे सांस फूलना, सूजन और डायलिसिस के दौरान ब्लड प्रेशर कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
किडनी बचाने के आसान उपाय
विशेषज्ञों ने पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप से बचने, पेशाब न रोकने, अधिक नमक और जंक फूड से दूरी बनाने तथा बिना चिकित्सकीय सलाह दर्द निवारक दवाइयों का सेवन नहीं करने की सलाह दी है। साथ ही मधुमेह और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना तथा अधिक पसीना, उल्टी या दस्त की स्थिति में ओआरएस, छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन करना किडनी को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है।
