कमजोर मानसून के बीच देवास परियोजना से झीलों में पहुंचा पानी
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देवास प्रथम-द्वितीय से करीब 49.76 एमसीएफटी पानी छोड़ा, पेयजल आपूर्ति को भी मिलेगा सहारा
उदयपुर, 18 सितंबर: कमजोर मानसून के चलते सितंबर में ही उदयपुर की झीलों को देवास परियोजना के पानी का सहारा लेना पड़ा है। झीलों का जलस्तर बढ़ाने और शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए देवास प्रथम एवं द्वितीय परियोजना से पानी छोड़ा गया है। गुरुवार शाम करीब 5.30 बजे परियोजना से जुड़े बांधों के गेट खोलकर पानी को झील प्रणाली की ओर प्रवाहित किया गया।
अलसीगढ़, मादड़ी और अकोदड़ा बांधों से कुल 49.76 एमसीएफटी पानी छोड़ा जा रहा है। करीब 750 क्यूसेक की रफ्तार से निकलने वाला पानी सीसारमा नदी के माध्यम से पिछोला पहुंचेगा और इसके बाद स्वरूपसागर में इसकी आवक होगी। इससे दोनों प्रमुख झीलों के जलस्तर में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
देवास प्रथम परियोजना के अलसीगढ़ बांध से सबसे अधिक पानी झीलों तक पहुंचेगा। देवास द्वितीय परियोजना के तहत मादड़ी से करीब 9.85 एमसीएफटी और अकोदड़ा से 3.77 एमसीएफटी पानी छोड़ा जा रहा है।
जल आवक के बाद स्वरूपसागर का गेज करीब 8 फीट 4 इंच तक पहुंचने का अनुमान है। इस बार बारिश की कमी के कारण झीलों में प्राकृतिक आवक प्रभावित हुई है। ऐसे में परियोजना से छोड़ा गया पानी झीलों के जलस्तर के साथ पेयजल भंडार को भी सहारा देगा।
संभाग के आसपुर और सोनकमला आम्बा बांध क्षेत्र में 8 इंच बारिश


मारगिया डेम पर डेढ़ इंच चादर चली, तालाबों में पानी की आवक बढ़ी
उदयपुर, 18 सितंबर: उदयपुर संभाग में गुरुवार रात से बारिश का दौर तेज हो गया। डूंगरपुर के आसपुर और सोमकमला आम्बा बांध क्षेत्र में 8-8 इंच बारिश हुई, जबकि सलूंबर में सरनी नदी में पानी की आवक बढ़ने से झल्लारा पुल पर बहाव तेज हो गया। उदयपुर में भी बीती रात से रुक-रुककर बारिश जारी है। बारिश से कई स्थानों पर जलभराव हुआ और नदी-नालों में पानी का बहाव बढ़ गया। झीलों, बांधों और तालाबों में पानी की आवक बढ़ने से जलस्तर में सुधार हुआ है। प्रशासन ने नदी-पुलों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।
आसपुर और सोमकमला आम्बा क्षेत्र में करीब 8-8 इंच बारिश दर्ज हुई। गणेशपुर में 5 इंच और डूंगरपुर शहर में सवा चार इंच बारिश हुई। मारगिया बांध पर करीब डेढ़ इंच की चादर चल रही है। गेजी सीएचसी के सामने रपट पर पानी आने से एंबुलेंस हटानी पड़ी। देवल-वेजा व निठाउवा-साबला में 90 एमएम, कनबा में 87, सागवाड़ा में 74, गलियाकोट में 51 और धंबोला में 42 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने जिले में येलो अलर्ट जारी किया है।
सलूंबर : मूसलाधार बारिश से सरनी नदी का बहाव तेज
जिले में गुरुवार रात करीब 2 बजे शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक जारी रही। सरनी नदी में पानी की आवक बढ़ने से झल्लारा पुल पर बहाव तेज हो गया। प्रशासन ने लोगों से पुल पार नहीं करने की अपील की है। सराड़ा में 132 एमएम, सेमारी में 129, झल्लारा में 118, सलूंबर में 114 और लसाड़िया में 58 एमएम बारिश दर्ज हुई। कई मुख्य सड़कों और नदी-नालों में पानी भर गया। आगामी दिनों में भी मानसून सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है।
उदयपुर : रिमझिम बारिश से झील-बांधों में बढ़ी आवक
उदयपुर में बीती रात से रुक-रुककर बारिश जारी है। जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश से झीलों, बांधों और तालाबों में पानी की आवक बढ़ी है। बावलवाड़ में सोम नदी तेज बहाव से बह रही है। 21 फीट भराव क्षमता वाले सेमारी बांध में जलस्तर बढ़ा है और पिछले 24 घंटे में 128 एमएम बारिश दर्ज हुई। बारिश के कारण किसानों को खड़ी फसल खराब होने की चिंता है। दिन का तापमान 31 से घटकर 28 डिग्री सेल्सियस हो गया। अगले दो दिन बारिश की संभावना जताई गई है।

