बारिश रूठी तो राजसमंद में पानी और फसल दोनों संकट में
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झील में 18.95 फीट पानी, नंदसमंद 19.50 प्रतिशत भरा; 20-30 फीसदी खरीफ फसल सूखने की कगार पर
राजसमंद, 7 अक्टूबर: मानसून की बेरुखी से राजसमंद जिले में पेयजल और खरीफ फसल दोनों पर संकट गहरा गया है। 29 सितंबर को 17 मिमी बारिश के बाद आठ दिन से बारिश नहीं हुई। अक्टूबर तक जिले में औसतन 407 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 948 मिमी थी। यानी बारिश करीब 57 प्रतिशत कम है।
राजसमंद झील में 18.95 फीट पानी बचा है। 3786 एमसीएफटी क्षमता वाली झील में 1986.50 एमसीएफटी पानी है। गौमती नदी सूख चुकी है और खारी फीडर से नंदसमंद के ओवरफ्लो होने पर पानी आता है। नंदसमंद की 786 एमसीएफटी क्षमता के मुकाबले 153.40 एमसीएफटी यानी 19.50 प्रतिशत पानी है। बाघेरी नाका में 311.68 एमसीएफटी क्षमता के मुकाबले 106.28 एमसीएफटी पानी है, जिससे 264 गांवों में पेयजल आपूर्ति होती है। जिले में 88 हजार हेक्टेयर से अधिक खरीफ बुवाई हुई है। 60-65 हजार हेक्टेयर में मक्का सहित ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग और कपास की फसल है। बारिश नहीं होने से 20-30 प्रतिशत फसल सूखने की स्थिति में है। कृषि विभाग ने हालात जारी रहने पर उत्पादन में करीब 30 प्रतिशत कमी की आशंका जताई है।

