जनजाति छात्रावासों के विकास पर 10.07 करोड़ खर्च होंगे
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उदयपुर लोकसभा क्षेत्र के 21 छात्रावासों में होंगे नवीन निर्माण कार्य, धरती आबा अभियान के तहत मिली स्वीकृति
उदयपुर, 9 अक्टूबर: जनजाति विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उदयपुर लोकसभा क्षेत्र के 21 आश्रम छात्रावासों में नवीन निर्माण कार्य करवाए जाएंगे। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत इन कार्यों के लिए 10.07 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने राशि की स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।
सांसद डॉ. रावत ने बताया कि स्वीकृत राशि से उदयपुर, सलूंबर और डूंगरपुर जिलों के छात्रावासों में निर्माण कार्य होंगे। इनमें बालक एवं बालिका आश्रम छात्रावासों के साथ टीकली स्थित राजकीय जनजाति मॉडल आवासीय विद्यालय भी शामिल है। इन कार्यों से जनजाति विद्यार्थियों को आवासीय सुविधाओं के विस्तार और सुधार में मदद मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया था। अभियान के तहत 17 मंत्रालयों की 25 पहल के माध्यम से पांच वर्षों में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों तथा 2,911 ब्लॉकों के 63,843 गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कमियां दूर करने का लक्ष्य है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनवाड़ी और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया है। अभियान से पांच करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ये हैं प्रमुख तथ्य
छात्रावासों के विकास के लिए 10.07 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। योजना में उदयपुर, सलूंबर और डूंगरपुर जिले के संस्थान शामिल हैं। यह स्वीकृति धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत दी गई है, जिसका शुभारंभ 2 अक्टूबर 2024 को हुआ था। राष्ट्रीय स्तर पर अभियान के तहत 63,843 गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और पांच करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।

