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राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर झील संरक्षण का संदेश

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राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर झील संरक्षण का संदेश

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फतहसागर पाल पर संगोष्ठी, जलीय जैव विविधता बचाने और महासीर संरक्षण पर जोर
उदयपुर, 11 जुलाई
: राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर मेवाड़ एंगलर्स सोसायटी और कॉलेज ऑफ फिशरीज के संयुक्त तत्वावधान में फतहसागर की पाल पर जलीय जैव विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने उदयपुर की झीलों में बिगड़ती जल गुणवत्ता पर चिंता जताते हुए इनके संरक्षण के लिए जनभागीदारी को आवश्यक बताया।
मेवाड़ एंगलर्स सोसायटी के अध्यक्ष गोवर्धन सिंह झाला ने झीलों की सुंदरता और संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। सोसायटी के निदेशक डॉ. अतुल कुमार जैन ने कहा कि झीलों की गिरती जल गुणवत्ता से जलीय जीवों, विशेषकर मछलियों के जीवन चक्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
फिशरीज कॉलेज के डीन डॉ. आर.एल. सोनी और पूर्व डीन डॉ. सुबोध शर्मा ने झीलों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा महासीर मछली संरक्षण पर जोर दिया। वहीं, पूर्व डीन डॉ. हेमेन्द्र कुमार वर्डिया ने चेताया कि जलीय पारिस्थितिकी की अनदेखी से कई प्रजातियां विलुप्त हो सकती हैं।
कार्यक्रम में पूर्व आरएएस अधिकारी मोहम्मद यासीन पठान को मेवाड़ एंगलर्स सोसायटी का मानद सदस्य घोषित किया गया। समारोह में मत्स्य विभाग के अधिकारी, शिक्षाविद, विद्यार्थी और शहर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

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