हिंदुस्तान जिंक का राजकोष में ₹18,846 करोड़ का योगदान
Share
उदयपुर, 31 मई: देश की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में राजकीय कोष में ₹18,846 करोड़ का योगदान दिया है। कंपनी की 9वीं टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट के अनुसार यह राशि उसके कुल राजस्व का 46 प्रतिशत है, जो राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत अभियान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पिछले पांच वर्षों में कंपनी का कुल योगदान बढ़कर ₹91,572 करोड़ पहुंच गया है। इसमें आयकर, अप्रत्यक्ष कर, सरकारी रॉयल्टी, भारत सरकार को लाभांश, विथहोल्डिंग टैक्स तथा अन्य वैधानिक शुल्क शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में हिंदुस्तान जिंक ने ₹40,844 करोड़ का राजस्व, ₹22,162 करोड़ का एबिटा और ₹13,832 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया। कंपनी ने 1,114 केटी खनित धातु और 627 टन चांदी का रिकॉर्ड उत्पादन भी हासिल किया।
कंपनी ने बताया कि उसकी टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार की गई है तथा स्वतंत्र ऑडिट फर्म से सत्यापित कराई गई है। हिंदुस्तान जिंक को लगातार तीसरे वर्ष धातु एवं खनन क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रथम स्थान भी प्राप्त हुआ है।
