सांसद महिमा कुमारी के विरोध के बाद फिलहाल टला कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व का प्रस्ताव
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एनटीसीए से नहीं मिली मंजूरी, बफर मानदंड पूरे नहीं होने से प्रस्ताव पर लगी रोक
उदयपुर, 9 जुलाई: कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व घोषित करने का प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने अभी तक इस प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं दी है। इस बीच राजसमंद सांसद महिमा कुमारी के विरोध को भी इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सांसद महिमा कुमारी ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री को पत्र लिखकर प्रस्ताव का विरोध जताया था। उन्होंने तर्क दिया कि कुंभलगढ़ का वन क्षेत्र बाघों का प्राकृतिक आवास नहीं रहा है और यह संकरा वन क्षेत्र लंबे समय तक बाघों की स्थायी आबादी को बनाए रखने में सक्षम नहीं है। उन्होंने प्रस्ताव को जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बताते हुए इसे वापस लेने या पुनर्विचार की मांग की थी।
सूत्रों के अनुसार एनटीसीए ने तकनीकी स्तर पर पाया कि प्रस्ताव मौजूदा बफर मानदंडों को पूरा नहीं करता, जिसके चलते इसे फिलहाल टाल दिया गया है। हालांकि, राजस्थान वन विभाग के अधिकारी आधिकारिक तौर पर प्रस्ताव के निरस्त होने की पुष्टि नहीं कर रहे हैं और एनटीसीए की बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं, वन्यजीव विशेषज्ञ सांसद के तर्कों से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि ऐतिहासिक दस्तावेजों और पुराने अभिलेखों में कुंभलगढ़ क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी के प्रमाण मिलते हैं और यह क्षेत्र पूर्व में राजघरानों के शिकार क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता रहा है।
