टिकट के लिए भाजपा-कांग्रेस में होड़, सिफारिशों का दौर तेज
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शक्ति प्रदर्शन के बाद अब ‘पावर सेंटर’ पर दस्तक, 2-3 दिन में वार्ड प्रत्याशियों की सूची आने की संभावना
उदयपुर, 24 अगस्त: निकाय चुनाव की तारीख नजदीक आते ही उदयपुर में भाजपा और कांग्रेस दोनों में टिकट के दावेदारों की दौड़ तेज हो गई है। वार्डों में पर्यवेक्षकों और पार्टी नेताओं के सामने शक्ति प्रदर्शन के बाद अब टिकट के लिए सिफारिशों का दौर चल रहा है। दावेदार नेताओं के घर-दफ्तरों के चक्कर लगाने के साथ फोन पर भी पैरवी करवा रहे हैं। दोनों दलों में अगले 2-3 दिनों में सभी वार्डों के नाम तय होने की संभावना है।
भाजपा में प्रमोद सामर के यहां सबसे ज्यादा जमावड़ा
भाजपा में वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर के यहां अलग-अलग गुटों के दावेदार लगातार पहुंच रहे हैं। जिलाध्यक्ष गजपालसिंह राठौड़ और महामंत्री पारस सिंघवी के यहां भी लॉबिंग तेज है। सिंघवी से मिलने के लिए दावेदार रात तक पहुंच रहे हैं। आरएसएस पदाधिकारियों के अलावा कोर कमेटी सदस्यों रवीन्द्र श्रीमाली, दिनेश भट्ट, रजनी डांगी, मांगीलाल जोशी और युधिष्ठिर कुमावत से भी संपर्क साधा जा रहा है। मंगलवार को भाजपा की स्थानीय कोर कमेटी की बैठक होगी।
शहर विधायक ताराचंद जैन और ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा के यहां दावेदारों की संख्या अपेक्षाकृत सीमित बताई जा रही है। सांसद मन्नालाल रावत के दिल्ली में होने से उनसे फोन पर संपर्क का दौर जारी है।
कांग्रेस में फतेहसिंह राठौड़ प्रमुख केंद्र
कांग्रेस में सबसे अधिक आवाजाही शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ के यहां है। देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा और उदयपुर ग्रामीण प्रत्याशी विवेक कटारा से भी दावेदार संपर्क कर रहे हैं। टिकट के लिए दावेदार विरोधी गुटों के नेताओं तक भी पहुंच बना रहे हैं। दिवंगत डॉ. गिरिजा व्यास का आवास इस बार शांत है। पूर्व शहर जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा भी चुनावी प्रक्रिया से अलग नजर आ रहे हैं, हालांकि उनके परिवार से बहू हिंताशी शर्मा ने दावेदारी की है। वरिष्ठ नेता पंकज शर्मा और दिनेश श्रीमाली को कमेटियों में जगह नहीं मिलने से उनके समर्थकों में मायूसी है।

