इलाज से मिले कदम, अब उन्हीं कदमों से मंडप तक पहुंचेंगे 51 जोड़े
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नारायण सेवा संस्थान में 47वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह, 19-20 सितंबर को होगा आयोजन
उदयपुर, 18 सितंबर: किसी ने चलने का सपना देखा था, किसी ने अपने हाथों से काम करने का। उपचार, कृत्रिम अंग और आत्मनिर्भरता की राह तय करने के बाद अब 51 दिव्यांग एवं निर्धन जोड़े अपने जीवन का नया अध्याय शुरू करेंगे। नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ, बड़ी परिसर में 19 और 20 सितंबर को 47वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह आयोजित होगा। देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 102 युवक-युवतियां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर गृहस्थ जीवन में प्रवेश करेंगे।
शुक्रवार को समारोह का लोगो संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल, निदेशक पलक अग्रवाल, मीडिया प्रभारी विष्णु शर्मा हितैषी और जनसम्पर्क प्रमुख भगवान प्रसाद गौड़ ने जारी किया। संस्थान के अनुसार अनेक वर-वधुओं का निःशुल्क ऑपरेशन, कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और कौशल प्रशिक्षण संस्थान में हुआ है।
संस्थान ने सामूहिक विवाह को केवल विवाह आयोजन तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे पुनर्वास, रोजगार और परिवार निर्माण से जोड़ते हुए आगे बढ़ाया है। अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के अनुसार पिछले 22 वर्षों में 2,582 दिव्यांग युवक-युवतियों के विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं। उनका कहना है कि दिव्यांगजनों को दया का पात्र नहीं, बल्कि सम्मान और अवसर का अधिकारी मानना पहल का मूल उद्देश्य है।
विवाह के बाद नवदंपतियों को गृहस्थी बसाने के लिए पलंग, गद्दा, बिस्तर, अलमारी, गैस चूल्हा-सिलेंडर, किचन सेट, पंखा, सिलाई मशीन और ट्रॉली बैग सहित आवश्यक सामग्री दी जाएगी। जरूरत के अनुसार व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। समारोह में हल्दी-मेहंदी, वैदिक विवाह, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

