उदयपुर स्वच्छता में बने देश का मॉडल शहर, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की हो सख्त पालना: के.के. गुप्ता
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नगर निगम-यूडीए की संयुक्त समीक्षा बैठक, 24 घंटे में शिकायतों के निस्तारण और झीलों-नालों की सफाई के दिए निर्देश
उदयपुर, 31 जुलाई: स्वच्छ भारत मिशन के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने शुक्रवार को नगर निगम उदयपुर और उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उदयपुर प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए विश्वभर में पहचान रखता है, इसलिए इसे स्वच्छता के क्षेत्र में भी देश का मॉडल शहर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी निर्देशों की अक्षरश: पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में गुप्ता ने शहरी सेवा शिविर का औचक निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि पट्टा, नामांतरण और उप-विभाजन जैसे मामलों में आवेदन करने वाले परिवादियों को 24 घंटे के भीतर कमियों से अवगत कराया जाए तथा दैनिक समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए। उन्होंने यूडीए के चारों जोनों में फैली गंदगी, नालियों की बदहाल स्थिति, उद्यानों की दुर्दशा और क्षतिग्रस्त सड़कों पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि झीलों की स्वच्छता, नियमित नालों की सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण, बाजारों में शाम के समय कचरा उठाने की व्यवस्था और प्रमुख मार्गों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता दी जाए। खाली भूखंडों पर गंदगी मिलने पर संबंधित भू-स्वामियों से सफाई का खर्च और जुर्माना वसूलने तथा आवश्यक होने पर भूखंड सीज करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त नरेश सोनी, स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा सहित निगम एवं यूडीए के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख निर्देश
24 घंटे में कार्रवाई: परिवादियों को आवेदन की कमियां बताकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
स्वच्छता पर फोकस: झीलों, नालों, पार्कों और बाजार क्षेत्रों की नियमित सफाई हो।
सख्ती के निर्देश: खाली भूखंडों पर गंदगी मिलने पर जुर्माना वसूला जाए और आवश्यकता पड़ने पर भूखंड सीज किए जाएं।

