मेहनताना रुका तो कलाकार ने अपनी ही कलाकृति बिगाड़ दी
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84 हजार की वॉल पेंटिंग बनी विरोध का प्रतीक, भुगतान विवाद ने सौंदर्यीकरण अभियान पर खड़े किए सवाल
उदयपुर, 1 जुलाई: शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए बनाई गई एक आकर्षक वॉल पेंटिंग उस समय विवाद का केंद्र बन गई, जब मेहनताना नहीं मिलने से आहत कलाकार ने अपनी ही बनाई कलाकृति को खराब कर दिया। नगर निगम के सौंदर्यीकरण अभियान के तहत तैयार की गई करीब 84 हजार रुपये की इस पेंटिंग को कलाकार ने विरोध के प्रतीक में बदल दिया। घटना ने न केवल कलाकारों के भुगतान की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति और कला के संरक्षण को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।
भुगतान नहीं मिला तो रंगों से जताया विरोध
कलाकार का आरोप है कि निर्धारित कार्य समय पर पूरा करने के बावजूद उसे तय भुगतान नहीं मिला। कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने और गुहार लगाने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं निकला तो उसने उसी दीवार पर अपनी बनाई कला को स्वयं खराब कर दिया। उसका कहना है कि मेहनत की उचित कीमत नहीं मिलने पर यही उसका विरोध दर्ज कराने का तरीका था।
लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया, जांच के आदेश
मामले पर शहरवासियों की प्रतिक्रिया भी दो हिस्सों में बंटी नजर आई। अधिकांश लोगों ने माना कि कलाकार को समय पर मेहनताना मिलना चाहिए, वहीं कई लोगों का कहना था कि सच्चा कलाकार अपनी ही रचना को नष्ट नहीं करता। उधर, नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने मामले की जांच के आदेश देते हुए कहा कि यदि भुगतान में लापरवाही हुई है तो उसकी जांच होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक कलाकृति को नुकसान पहुंचाना भी उचित नहीं है तथा ठेका सबलेट किए जाने की जानकारी फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है।
